ज्ञानपुर (भदोही)। नीट यूजी-2025 की काउंसिलिंग में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने के मामले में नौ अभ्यर्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रमाणपत्र संदिग्ध मिलने पर शासन स्तर से सत्यापन रिपोर्ट तलब करने के बाद जिलाधिकारी की जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिले हैं। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर ज्ञानपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के निर्देश पर यूपी नीट यूजी-2025 की प्रथम चक्र की काउंसिलिंग के बाद अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन कराए गए। इसके लिए महानिदेशक ने 27 अगस्त को नौ अभ्यर्थियों का विवरण डीएम को भेजकर सत्यापन रिपोर्ट तलब की थी। डीएम शैलेष कुमार ने मामले की जांच कराई। टीम ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में पाया गया कि प्रमाणपत्र डीएम कार्यालय से जारी नहीं किए गए थे। प्रमाणपत्रों पर डीएम के हस्ताक्षर और कार्यालय की मुहर भी फर्जी है। अभ्यर्थियों के पते भी फर्जी मिले। इसके बाद डीएम के आदेश पर कलेक्ट्रेट में संबंधित पटल के लिपिक ने ज्ञानपुर कोतवाली में नौ अभ्यर्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।