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पशुओं की लंपी रोग को लेकर प्रशासन अलर्ट

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ज्ञानपुर। लंपी रोग के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग संग अन्य अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें पशुपालकों को जागरूक करने और बीमारी से बचाव के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जय सिंह ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज विषाणुजनित रोग है। इसमें पशुओं में तेज बुखार, आंख और नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन, पूरे शरीर में कठोर एवं चपटी गांठ आदि लक्षण पाए जाते है। कभी-कभी संपूर्ण शरीर की चमड़ी विशेष रूप से सिर, गर्दन, थूथन, थनों, गुदा आदि में गांठ बन जाता है। मक्खियों से अन्य स्वस्थ पशुओं में संक्रमण का खतरा रहता है। श्वसन पथ में घाव होने से सांस लेनेे में कठिनाई होती है, पशुओं का वजन घट जाता है, शरीर कमजोर हो जाता है। इस बीमारी में गर्भपात भी हो सकता है, दुधारू गायों में दूध कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी मवेशी में ऐसा लक्षण हो तो विभाग को सूचना दें। जिलाधिकारी ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिया कि वह अभियान चलाकर पशुपालकों को जागरूक करें। इसके बाद डीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सत्यापन के लिए बैठक ली। कहा कि सत्यापन कार्य में तेजी लाएं, जिससे 12वीं किस्त जारी होने से पूर्व अपात्रों को सूूची से हटाया जा सके। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि सत्यापन में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। जान बूझकर किसी का नाम न काटा जाए। उन्होंने कहा कि जो भूमिहीन हैं या मृत उनको चिह्नित करें। अपात्रों का नाम सूची से काटें। इस मौके पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह, एडीएम शैलेंद्र मिश्र, डीडी कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह आदि रहे।
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