नगर के अहमदगंज गजिया में महीनों से ठप रेलवे ओवर ब्रिज का बुधवार को अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य रुके होने का कारण भी जाना और महीनों से एक दर्जन लोगों के रुके मुआवजे के मामले में से 8 का निस्तारण भी कराया। इन आठ लोगों से उनकी जमीन की रजिस्ट्री कराकर उन्हें भुगतान करने के निर्देश भी दिए। एडीएम ने सेतु निगम के अधिकारियों को साफ कहा कि पहले ही काफी विलंब हो चुका है इसलिए अब देरी न हो। जानकारी हो कि सपा के शासनकाल ने ही इस आरओबी का शिलान्यास किया गया था। अब मौजूदा शासन का कार्यकाल भी खत्म होने को आया लेकिन निर्माण कार्य ठप है। बताया जाता है कि इसका कारण मुआवजे का भी मसला है तो कुछ सेतु निगम की ओर से भी देरी की गई है। नागरिकों की मानें तो मार्च से ही सड़क खोद कर सेतु निगम अधिकारी चले गए और तीन महीने बाद फिर आए हैं। इस बीच मौके का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम ने कहा कि इन्हीं सब बातों को जानने वे आए हैं। भवन स्वामियों के साथ नगर पालिका सभागार में एडीएम ने बैठक की। सेतु निगम अधिकारियों ने बताया कि 12 लोगों के जमीन रजिस्ट्री का मामला उनके आपसी विवादों के चलते रुकी है। इस पर आठ लोगों के विवाद को एडीएम ने आपसी समझौते से करा दिया और उन्हें शीघ्र मुआवजे की रकम देकर उनकी जमीन की रजिस्ट्री कराने के निर्देश भी दिए। एडीएम ने ये भी कहा निर्माण में अवरोध कर रहे भवनो को दो दिन में गिरा दिए जाएं और निर्माण कार्य तेजी से की जाए। बैठक में बैठक में उपजिलाधिकारी योगेंद्र कुमार, नगर पालिकाध्यक्ष अशोक जायसवाल, तहसीलदार विजय यादव और सेतु निगम के अधिकारी भी थे।