नगर निवासी 17 वर्षीय प्रांजल की मां शेरावाली के प्रति अटूट विश्वास और भक्ति निराली है। जेब खर्च के लिए मिले पैसे से उसने खुद के हाथों से मां की मूर्ति तैयार की है। प्रांजल की श्रद्धा ऐसी है कि वह पूरे नवरात्र मां के सामने बैठकर विधिवत पाठ कराते हैं। वह बीते आठ सालों से नवरात्र में अपने हाथों से ही मां की प्रतिमा बनाकर पूजा करते आ रहे हैं।
प्रांजल के पिता विपिन मोदनवाल ने बताया कि बीते आठ साल से मां की प्रतिमा स्वयं तैयार करते हैं। नवरात्र के दो महीने पहले से ही पढ़ाई के साथ ही मूर्ति बनाने में जुट जाते हैं। इस बार प्रांजल ने मां की प्रतिमा बनाने में 15 हजार रुपये खर्च किया है। मां दुर्गा के साथ, श्रीगणेश, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती और कार्तिकेय जी की प्रतिमा भी बनाई है। बताया कि बचपन से ही शौक था कि मूर्ति बनाकर नवरात्रि में दूर्गा पूजा बैठाऊंगा। खास बात है कि वह नवरात्र के पहले दिन ही मां की प्रतिमा की स्थापना कर देते हैं और पूरे नवरात्रि मां की अराधना करते हैं।