औराई के नरथुआ में हुए भीषण अग्निकांड को हुए एक माह हो चुके हैं। इस भीषण हादसे में 18 लोगों ने जान गंवाई है और 27 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस मामले के दोषी आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। वहीं ज्यादातर पीड़ितों को मुआवजा मिल चुका है।
औराई के नरथुआ में दो अक्तूबर की उस काली रात को कोई नहीं भूल सकता। जब अचानक दुर्गा पूजा पंडाल में लगी आग कई परिवारों के लिए त्रासदी बन गई। इस भीषण अग्निकांड में 77 लोग झुलस गए थे। हादसे के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों की सक्रियता से तमाम लोगों की जान बच सकी थी। अभी भी 27 लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस मामले में प्रशासन ने पूजा समिति अध्यक्ष प्रदीप यादव उर्फ बच्चा यादव सहित पांच अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घटना को एक माह बीत चुके हैं, लेकिन इसके जख्म आज भी हरे हैँ। पीड़ितों में अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि ज्यादातर लोगों को मुआवजा दे दिया गया है। कुछ ही बचे हैँ, जिन्हें जल्द दिया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस मामले में आज तक न तो एक भी गिरफ्तारी हुई है और न ही मुख्य आरोपी के अलावा अन्य दोषियों के नाम सामने आ सके हैं। बहरहाल जांच प्रक्रिया जारी हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले के एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिर चाहे वह पूजा पंडाल से जुड़ा हो या प्रशासन से।
अभी भी 27 लोगों का चल रहा इलाज
औराई अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसे 27 लोगों का इलाज अभी भी बनारस सहित जनपद के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा हैं। जिलाधिकारी ने इस मरीजों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई है। इसके अलावा जो लोग स्वस्थ होकर घर आ चुके हैँ। उनका भी लगातार फॉलोअप किया जा रहा है। स्थानीय लोग उनके शीघ्र स्वस्थ होकर घर लौटने की कामना कर रहे हैं।
जिलाधिकारी गौरांग राठी का कहना है कि हादसे के पीड़ित ज्यादातर लोगों को मुआवजा दे दिया गया है। केवल दो लोग ही बचे हैँ, जिनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। इसके बाद उन्हें भी मुआवजे की राशि दी जाएगी।