ज्ञानपुर। भदोही के पिपरिस अधारपुर गांव में एक दंपती ठगी का शिकार हो गए। जालसाज ने फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर कार्रवाई के नाम पर दंपती को सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने दंपती के अलग-अलग खातों से 15 लाख अपने दूसरे खातों में ट्रांसफर करवा लिया। जन सुनवाई में मामला आने पर एसपी के निर्देश पर साइबर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पिपरिस अधारपुर गांव निवासी कालीन कंपनी के मुनीम शीतला प्रसाद यादव ने तहरीर में बताया है कि 21 अप्रैल 2025 को उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने पूछा कि आप शीतला प्रसाद यादव बोल रहे हैं। मैंने कहा कि जी... मैं शीतला बोल रहा हूं। उसने कहा कि मैं मुंबई की सीबीआई कोलाबा शाखा से बोल रहा हूं। इसके बाद उसने कहा कि नरेश गोयल मनी लाड्रिंग केस में आप अभियुक्त हैं। तथाकथित सीबीआई अफसरों ने लिखित प्रमाण के माध्यम से सिद्ध भी कर दिया। उसने पूछा कि नरेश गोयल से आपका क्या संबंध है। कहा कि आपके आधार कार्ड से केनरा बैंक में खाता खोलकर करोड़ों का लेन-देन हुआ है। वह बार-बार फोन न काटने के लिए कह रहा था। गोपनीयता रखने के लिए वह मामले को किसी से साझा न करने के लिए कहा। इसके बाद कहा कि मामले में आपकी गिरफ्तारी होगी। भय और मानसिक रूप से परेशान होकर मैं उससे विनती करने लगा कि मुझे इस केस से बचा लीजिए। इसके बाद उसने 15 लाख रुपये की मांग की। चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट होने के बाद फर्जी सीबीआई अधिकारियों ने 25 अप्रैल को आईओबी बैंक की भदोही शाखा से 9.85 लाख की फिक्स डिपाजिट बंद करवाकर आरटीजीएस के माध्यम से पीएनबी की शाखा खिन्नवसार (राजस्थान) में महेन्द्र कुमार के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद 28 अप्रैल को आईओबी बैंक की भदोही शाखा से मेरी पत्नी के खाते से 5.10 लाख रुपये यूको बैंक की शाखा किदवई नगर कानपुर में रेहाना रईन के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि घटना 21 से 28 अप्रैल के बीच की है। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। जांच के लिए मनोज कुमार को लगाया गया है।