भदोही। जब तक पूर्वांचल राज्य नहीं होगी, तब तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों, मजदूरों, छात्रों का भला नहीं होगा। पूर्वांचल के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी है कि लोग एकजुट होकर नए राज्य के सृजन के लिए साथ आएं। ये बातें पूर्वांचल क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने मंगलवार को चौरी बाजार में आयोजित संकल्प सभा में कहीं। सभा में सर्वप्रथम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जन्मदिन पर नमन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल और जनसंख्या को देखते पूर्वांचल को अलग राज्य बनाना जरूरी हो गया है। कहा मेरी पार्टी लंबे समय से काशी को राजधानी बनाकर पूर्वांचल राज्य के गठन की मांग कर रही है। कहा कि उत्तराखंड के अलग होने के बाद भी उत्तर प्रदेश में 22 करोड़ आबादी और 75 जनपद हैं। इसके चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश में औद्योगिक शून्यता, नेतृत्व की कमी और बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कृषि को उद्योग का दर्जा और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की। भ्रष्टाचार में पकड़े जाने पर चल-अचल संपत्ति जब्त करने की मांग मंच से की गई। सभा में राजदेव दूबे, अवधेश दूबे, जवाहर लाल, गामा पटेल, विजय चौहान, उमाशंकर मौर्य, आलोक उपाध्याय, विनोद पांडेय आदि मौजूद रहे।