ज्ञानपुर। आगामी आम बजट के मद्देनजर महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे प्रयासों को तेज कर दिया है। इस दिशा में संघ की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंप कर मांगें दोहराईं गईं। सात सूत्री मांगों के तहत कर्मचारियों ने वर्तमान में मिल रहे मानदेय को मौजूदा दौर की महंगाई को देखते हुए जीवनयापन के लिए अपर्याप्त बताया। उन्होंने सामान्य जीवनयापन के लिए सभी कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय 18000 रुपये करने की मांग की। इसके साथ ही आंगनबाड़ी, आशा, शिक्षा प्रेरक और रसोइयों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की भी मांग की। पत्रक में उन्होंने आंगनबाड़ी कर्मचारियों को पेंशन योजना से जोड़ने और ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, स्वास्थ्य लाभ आदि की सुविधा प्रदान करने की मांग की। उन्होंने सरकार से विभागीय योजनाओं के निजीकरण नहीं करने की बात कही। बाल विकास परियोजनाओं में उच्च अधिकारियों द्वारा अधीनस्थों का शोषण करने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही आम बजट में कर्मचारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए पर्याप्त बजट आवंटित करने की मांग की। साथ ही उन्होंने मांगों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।