ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार अर्थदंड भी लगाया। दो साल पूर्व हुई घटना में बृहस्पतिवार को कोर्ट का फैसला सुनाया। अभियोजन के अनुसार सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थानाक्षेत्र के रामगढ़ निवासी बलराज पुत्र अनिरुद्ध मौर्य ने आरोप लगाया था कि उसके पिता ने भदोही जिले के गोपीगंज थानाक्षेत्र के जखांव गांव निवासी तेजबली मौर्य को दो लाख पांच हजार रुपये ट्रैक्टर खरीदने के लिए दिए थे। कुछ दिनों बाद पैसे को लेने के लिए कई बार तेजबली के घर आए। तेजबली ने 22 मार्च 2015 को मेरे पिता को पैसा देने के लिए बुलाया था। मेरे पिताजी देर शाम तक घर नहीं आए तो मैंने तेजबली से पूछा तो उसने बताया कि वह मेरे यहां नहीं आए हैं। बाद में 30 मार्च को मेरे पिता की लाश जखांव गांव के एक कुएं में मिली। पता चला कि पैसे को हजम करने के लिए तेजबली ने मेरे पिता की हत्या की है। आरोपी के खिलाफ गोपीगंज पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। जहां दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद न्यायाधीश मृदुल कुमार मिश्र की अदालत ने दोषी तेजबली मौर्य को सात साल के सश्रम कारावास और 15 हजार अर्थदंड लगाया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने किया।