ज्ञानपुर। पुलिस साइबर जालसाजों पर सख्ती कर रही है। पांच महीने 15 दिन में 31 लोग साइबर फ्राड के शिकार हुए, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 25 लाख 43 हजार 526 रुपये पीड़ितों के खाते में वापस कराया। इस दौरान साइबर फ्रॉड में संलिप्त कुल 85 संदिग्ध मोबाइल नंबरो को ब्लॉक किया गया। कालीन नगरी के लोग ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट, लॉटरी, यूपीआई और व्हाट्सएप लिंक के माध्यम से साइबर जालसाजी के शिकार हो रहे हैं। पुलिस विभाग के आंकड़ो पर नजर डाली जाए तो जनवरी से अप्रैल तक मात्र चार महीने में 31 लोग साइबर फ्राड के झांसे में आ गए। साइबर ठगों ने लोगों को झूठे निवेश का लालच, लॉटरी की फर्जी स्कीम और यूपीआई के माध्यम से शिकार बनाया। शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने संबंधित बैंकों और डिजिटल प्लेटफार्म में समन्वय स्थापित कर धनराशि को वापस कराया। साइबर सेल प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया सेल और थानों के माध्यम से कार्यशाला एवं शिविर आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहता है। जागरूकता से साइबर जालसाजी से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील किया कि साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 और 112 पर दें, जिससे धनराशि खाते में होल्ड कराई जा सके। इसके अलावा एनसीआरपी पोर्टल की वेबसाइट पर भी शिकयत दर्ज करें। खाते में केवाईसी अपडेट कराने के लिये बैंकों से कभी भी किसी से व्यक्तिगत जानकारी /ओटीपी /सीवीवी/पिन नंबर नही मांगी जाती है। किसी अंजान व्यक्ति के कहने पर कोई भी ऐप डाउनलोड न करें।