ज्ञानपुर। विरासत संस्था और स्काउट के छात्रों ने बुधवार को विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज से हरे वृक्षों की पीड़ा को बयां करते हुए आह्वान रैली निकाली। इस दौरान लोकनाट्य कदलाकारों ने ‘पेड़ों की पीड़ा’ नाटक का मंचन किया। वक्ताओं ने कहा कि पेड़ों में फ्लैक्स और होर्डिंग आदि लगाने के लिए गाड़ी गई कीलों को निकाला जाए। इससे वृक्षों को पीड़ा होती है। सनवइया के स्काउटों की ओर से बुधवार को वीएनजीआईसी कॉलेज से पेड़ों की पीड़ा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निकली रैली में लोगों को पेड़ों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। रैली में शामिल बड़ी संख्या में लोगों ने विभिन्न स्लोगन के साथ नगर का भ्रमण किया। विरासत संस्था के सदस्यों और रंग कर्मियों के साथ माउंटमैन दशरथ माझी फिल्म के लेखक शाहजाद अहमद ने नेतृत्व में निकली रैली में तेजी से हो रही पेड़ों की कटान चिंता जताई गई। विभिन्न स्लोगन लिखी तख्तियों के साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने नगर भ्रमण किया। इस दौरान शहजाद ने कहा कि संवेदनाओं के केंद्र में जाकर हम साहित्यकार और कलाकार समाज में फैली विभिन्न समस्याओं का निराकरण कर सकते हैं। अपने निजी स्वार्स्थ के लिए निरीह वृक्षों का रुलाकर लोग अभिशाप ले रहे हैं। इससे बचना चाहिए। डॉ. हरिश्चंद्र यादव ने कहा कि हमारे स्काउट गाइड पूरे विश्व में प्राकृतिक रक्षक के रूप में सजगता से काम कर रहे हैं। कहा कि 26 जनवरी तक पेड़ों पर लगे विज्ञापन और कीलों को यदि नहीं निकाला गया तो आंदोलन को बाध्य होंगे। रोवर्स रेंजर अधिकारी डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने जागरूकता रैली में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। इस मौके पर अविनाश रावत, रामेश्वर सिंह, रुस्तम अली, विजय त्यागी, ओमप्रकाश, रिंकू मौर्य चंद्रेशराय, वीरेंद्र कुमार, दिलीप मौर्य, पूर्णिमा, रूबी, ज्योति, सागर राय आदि रहे।