ज्ञानपुर। बारिश न होने से धान की फसल पर रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। कृषि विभाग ने अलर्ट जारी कर किसानों से हर रोज निगरानी करने के लिए कहा है। गंधी बंग, भूरा फुदका कीट और सैनिक कीट लगने की आशंका जताते हुए दवाओं के छिड़काव करने की सलाह दी। पिछले एक पखवारे में एकाध दिन हल्की बारिश को छोड़ दिया जाए तो मौसम लगभग सूखा हो चुका है। उमस और गर्मी से धान के खेतों में पानी खत्म हो चुका है। पानी न होने से धान की फसल में तमाम प्रकार के रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि इस समय गंधी बग, भूरा फुदका और सैनिक कीट लगने की संभावना है। उन्होंने कहा कि गंधी बग रोग लगने पर किसान एजाडिरैक्टीन 15 प्रतिशत ईसी ढाई लीटर को 500 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेअर छिड़काव करें। इसके अलावा मैलाथियान पांच प्रतिशत या फेनवलेरेट 0.04 फीसदी को 25 किलो धूल में मिलावट कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। भूरा फुदका और सैनिक कीट पर इन दवाओं के छिड़काव का असर रहेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि छिड़काव शाम या सुबह को समय किया जाए, जिससे दवा का असर धान की पत्तियों पर रहे।