अभोली। जिले से प्रयागराज को जोड़ने वाली बसवापुर-बिठौली मार्ग की हालत खस्ता है। करीब तीन किमी सड़क पर चार पहिया और दो पहिया वाहन भी 15 से 20 किमी की रफ्तार में भी नहीं चल पाते। तीन किमी के रोड पर करीब 80 के आसपास गड्ढे हैं। जिससे दो पहिया और चार पहिया वाहन हिचकोले खाते हैं।
जिले में तीन से चार बार शासन की ओर से गड्ढा मुक्ति अभियान चलाया जा चुका है। हर बार लोक निर्माण विभाग की ओर से दावा किया जाता है कि जनपद की सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकी हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही होती है। जिले की सीमा से जोड़ने वाली बसवापुर-बिठौली मार्ग विभागीय दावों की पोल खोलता है।
प्रयागराज और जनपद की सीमा की जोड़ने वाला यह मार्ग गड्ढों से पटा है। केवल तीन किलोमीटर के इस मार्ग पर कम से कम 70 से 80 छोटे-बड़े गड्ढे हैं। यह मार्ग बसवापुर, मकनपुर, विठौली, बिसौली, जगनपुर, ख्योखर, नेवादा रोही समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की मुख्य सड़क है। लोगों को प्रयागराज जाने के लिए सबसे आसान रास्ता है, लेकिन सड़क की हालत खस्ता होने का नतीजा है कि लोग करीब आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर वहिदामोड़ जाते हैं। जहां से प्रयागराज के लिए रवाना होते हैं। क्षेत्र की करीब 30 से 35 हजार की आबादी में हर दिन एक हजार से 1500 के करीब लोगों का प्रयागराज आना जाना होता है, लेकिन सड़क मार्ग बदहाल होने से वे आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक एक दशक पहले सड़क का निर्माण हुआ था, लेकिन विडंबना है कि आज तक इसकी मरम्मत नहीं की जा सकी। जिसका नतीजा है कि यह मुख्य सड़क बेकार पड़ी है।
बसवापुर-बिठौली मार्ग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत के तहत मरम्मत की स्वीकृति मिली है। बारिश के बाद सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। - एसके पांडेय, एक्सईएन, आरईएस।