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स्टॉल लगाने वालों में 80 प्रतिशत निर्यातक पूर्वांचल के

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निर्यातक शारिक अंसारी के स्टाल पर दरियों का अवलोकन करती महिला बायर - फोटो : BHADOHI
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भदोही। इंडिया कारपेट एक्सपो के तीसरे दिन भी आयोजकों की प्रशंसा होती रही। विशेष रूप से पूर्वांचल के कालीन निर्यातकों के लिए यह सौगात बन कर आया है। इस फेयर में कुल 240 कालीन निर्यातकों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें से 70 प्रतिशत लोग भदोही जिले के हैं और यदि पूर्वांचल के नजरिए से देखा जाए तो भागीदारी प्रतिशत बढ़कर 85 प्रतिशत हो जाती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यह एक्सपो पूर्वांचल के कालीन उद्यमियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया है। खमरिया के कैलाश रग इंडस्ट्रीज के अमित कुमार बरनवाल कहते हैं कि भदोही के निर्यातकों के लिए ये शुरुआत अच्छी बात है। 80 प्रतिशत स्टाल पूर्वांचल के लोगों के रहे। ऐसे में यहां केवल स्टाल लगाने का खर्च लगा। नई दिल्ली या वाराणसी एक्सपो में स्टाल के खर्च के साथ-साथ भदोही से वहां माल ले जाना और वापस लाना, स्टाफ को वहां ले जाना और फिर 5-6 दिन उन्हें वहां ठहराने और अन्य में खर्चों का भार लाखों रुपये बढ़ जाता है, लेकिन यहां इन खर्चों का भार नहीं रहने से इसका लाभ मिला है। रुपेश कुमार एंड संस के रुपेश कुमार बनवाल ने कहा कि भदोही फेयर में आने के बाद इसकी भव्यता का अंदाजा होता है। कहा कि अगली बार जब एक्सपो की घोषणा होगी तो स्टाल लेने के लिए होड़ मचेगी। कहा कि भले ही यहां कम बायर आए हो, लेकिन सभी गंभीर बायरों ने भाग लिया। कहा कि यहां एक्सपो होने से भागीदारी लागत कम होगी।

सीईपीसी के सीओए सदस्य वासिफ अंसारी के स्टाल पर कालीनें देखतीं डीएम की पत्नी- फोटो : BHADOHI

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