ज्ञानपुर। बदलती जीवन शैली के बीच तंबाकू, गुटखा, सिगरेट का अत्यधिक सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक है। इससे मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके बाद भी लोग लापरवाह बने हैं। 35 से 55 साल वाले व्यक्तियों की संख्या अधिक है। अप्रैल माह में चले अभियान के दौरान मुंह कैंसर के संदिग्ध 80 मरीज मिले थे। जिले में मरीजों की जांच और उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके कारण मरीज को वाराणासी या महानगरों का रुख करना पड़ता है। हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मरीजों को कैंसर जैसी घातक बीमारी के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी लोग लापरवाह बने रहते हैं। यहीं कारण है कि जिले में मुंह के कैंसर के मरीजों की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर साल साल में तीन बार गैर संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है। अभियान में संदिग्ध मरीज मिलते हैं। इसके आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। लोग तंबाकू का सेवन करना बंद नहीं कर रहे हैं। जिले में तंबाकू करोड़ों रूपये का कारोबार किया जाता है। जागरूकता के बाद भी तंबाकू का अत्यधिक सेवन करना लोगों के लिए घातक बनता जा रहा है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पनपती है। साल दर साल जिले में इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन यहां पर उपचार की सुविधा नहीं है। मरीजों को वाराणसी, लखनऊ या महानगरों का रुख करना पड़ता है। सरपतहा स्थित सौ शैय्या अस्पताल के बर्न यूनिट में जनपद का पहला छह बेड का कैंसर डे केयर सेंटर (डीसीसीसी) खुला है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यहां सिर्फ फालोअप मरीजों का उपचार किया जाता है। अस्पताल में 2022 से कैंसर के डॉक्टर डॉ. शैलेंद्र विक्रम की तैनाती है। संसाधन न होने सेमरीजों को डॉक्टर का लाभ नहीं मिल रहा है।