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हैंडओवर के फेर में फंसा पांच करोड़ का मसौदा

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ज्ञानपुर। प्रशासनिक उदासीनता के चलते पांच करोड़ की लागत से बनकर तैयार 70 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन अब तक हैंडओवर नहीं हो सके। इससे केंद्रों का संचालन अब भी स्कूल और पंचायत भवन में ही हो रहा है। उधर विभाग जल्द ही भवनों को हैंडओवर कराने का दावा कर रहा है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से जिले के छह ब्लॉकों में 1483 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होते हैं। इनमें तीन हजार से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं कार्यरत हैं। केंद्रों पर एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को शुरुआती शिक्षा देने के साथ ही पोषणयुक्त आहार दिया जाता है। इसी तरह गर्भवती धात्रियों को पोषाहार, हाटकुक्ड मील दिया जाता है। 2003 से लेकर 2017 तक केवल 301 आंगनबाड़ी केंद्र खुद के भवन में संचालित हुए, जबकि अन्य केंद्र प्राथमिक विद्यालय और पंचायत भवन में ही चलाए जा रहे हैं। 2018-19 में 70 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए भवन बनाए गए। सात लाख 52 हजार की लागत से बनने वाले भवन के लिए दो लाख आईसीडीएस विभाग, चार लाख मनरेगा और एक लाख छह हजार जिला पंचायत राज विभाग से आवंटित किया गया। एक लाख छह हजार से आधुनिक बेबी शौचालय और हैंडपंप लगाए गए हैं। लेकिन, करीब दो महीने से तैयार 70 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन को अब तक हैंडओवर नहीं किया गया। इससे स्कूल और पंचायत भवन में ही केंद्र संचालित हो रहे हैं। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिला देवी ने कहा कि भवन हैंडओवर कराने के लिए आला अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। स्वीकृत मिलने पर भवनों में केंद्रों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
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