चौरी। बाजार की रामलीला में शुक्रवार को सीता हरण का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि राम के वन जाने के बाद भरत राज्य चलाने के लिए तैयार नहीं होते। वह राम को मनाने के लिए जाते हैं, लेकिन वह नहीं मानते। दंडक वन में लंकापति रावण की बहन सूपर्णखा आकर राम-लक्ष्मण और सीता को परेशान करने लगती है। लक्ष्मण ने सूपर्णखा के नाक काट दी। सूर्पणखा के अपमान से क्रोधित खर-दूषण राम से युद्ध करते है। दोनों मारे जाते हैं। खर-दूषण वध के बाद रावण बदला लेने के लिए मामा मारीच का सहारा लेता है। उसके बाद रावण साधु वेश में सीता का हरण कर लिया।