ऊंज। इलाके के अकोढ़ा में चल रहे भागवत कथा में बुधवार को वृंदावन से पधारे रामानंद जी महाराज ने सुदामा चरित्र का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गुरु के साथ कपट और मित्र के संग चोरी करने वाला दरिद्र होता है। सुदामा इसी के चलते दरिद्र हो गए हालांकि बाद में प्रभु की कृपा से वह धनवान बने। उन्होंने बताया कि जब भगवान मथुरा जाने लगे तो गोपियों ने खुफिया रास्ता रोक लिया। उसके बाद प्रभु ने गोपियों को प्रेम का अर्थ समझाया। कहा कि प्रेम का अर्थ त्याग, समर्पण और सेवा है जबकि तुम प्रेम का भाव ही प्रकट कर रही हो। इस दौरान आकर्षक झांकी निकाली गई। इसी तरह आदर्श रामलीला समिति पिलखुना में आयोजित रामलीला में रावण- अंगद संवाद का मंचन किया गया।