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फाटक बंद होने पर जान जोखिम में डालते हैं लोग

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भदोही। पंजाब के अमृतसर में हुई ट्रेन दुर्घटना ने सबको हिलाकर रख दिया है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति भदोही जिले में भी हो जाए तो आश्चर्य की बात नहीं है। यहां की रेलवे क्रॉसिंग पर बड़ी संख्या में लोग जान जोखिम में डालकर पार करते रहते हैं। क्रॉसिंग का गेट बंद होने के बाद भी पैदल, बाइक और साइकिल सवार धड़ल्ले से आते-जाते रहते हैं। अमृतसर में रावण दहन का कार्यक्रम देख रहे श्रद्धालुओं की ट्रेन हादसे में मौत की खबर से भदोही में लोग हतप्रभ हैं। हृदय विदारक घटना शनिवार को दिन भर चर्चा का विषय रही। लोग सकते में हैं कि आखिर चूक कहां हुई? जनमानस में कहा जा रहा है कि आखिर इस तरह की घटनाओं से कब निजात मिलेगी। उक्त घटना के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो भदोही रेलवे स्टेशन हो या आसपास के रेलवे फाटक लोग जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आते। भदोही रेलवे स्टेशन पर एक मात्र फुट ओवर ब्रिज वह भी मुख्य द्वार से दूर होने से अक्सर लोग पैदल चलने के बजाए ट्रैक पार करते हैं। कभी कभी तो ट्रैक पार करते हुए दो दो दर्जन यात्री दिखाई देते हैं। इससे उनकी जान को खतरा तो होता है। जीआरपी प्रभारी विनय कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे ट्रैक पार करना रेलवे एक्ट की धारा में कानून जुर्म है। अक्सर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, लेकिन फिर भी लोग मानते नहीं। यही हाल पकरी और आनंद नगर रेलवे क्रॉसिंग का है। रेलवे फाटक बंद होने के बाद लोग साइकिल और बाइक को आंड़ा, तिरछा कर निकलने का प्रयास करते हैं। ऐसी लापरवाही कभी बड़े हादसे का सबब बन सकती है लेकिन रेल प्रशासन इस पर रोक लगाने के लिए संजीदा नहीं है। नगर पालिका के सभासद हसीब खां ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर दो फुट ओवर ब्रिज होने चाहिए। मुख्य द्वार पर फुट ओवर ब्रिज का निर्माण जरूरी है।
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