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आबूधाबी के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर बन रहा दुर्गापूजा पंडाल

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गोपीगंज। इस बार शारदीय नवरात्र में गोपीगंज में अबुधाबी में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर मॉडल का दुर्गापूजा पंडाल दिखेगा। काली देवी मंदिर मिर्जापुर रोड पर शिवम क्लब की ओर से हर वर्ष लगाए जाने वाले दुर्गापूजा पंडाल को इस बार संयुक्त अरब अमीरात के अबुधाबी में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर की शक्ल दी जाएगी। इस मंदिर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पंडाल का निर्माण पिछले डेढ़ माह से चल रहा है। मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति शिवम क्लब के नेतृत्व में नगर स्थित काली मंदिर पर अबुधाबी स्थित श्रीराम मंदिर की तर्ज पर दुर्गापूजा पंडाल बनाया जा रहा है। इसे बेहद आकर्षक होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे बनाने के लिए डेढ़ महीने से 25 से ज्यादा कारीगर लगे हुए हैं। इसकी भव्यता को निखारने के लिए 12 हजार मीटर कपड़ा प्रयोग में लिया जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबुधाबी के कुछ दूरी पर अबू मुरेखा नामक स्थान पर पश्चिम एशिया का पहला पत्थर निर्मित भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह मंदिर वास्तु कला और भव्यता की दृष्टिकोण से अद्भुत होने के साथ पूरी दुनिया को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देने वाला है। उसी की तर्ज पर इस बार मां सिंह वाहिनी शृंगार समिति की ओर से दुर्गापूजा पंडाल बनाया जा रहा है। जिसे भव्य स्वरूप देने में पिछले डेढ़ महीने से 25 से ज्यादा कुशल कारीगर जुटे हुए हैं। जिसकी ऊंचाई 110 फीट और चौड़ाई 90 फीट होगी। इसे बनाने में 13 ट्रक बांस, 20 क्विंटल रस्सी, छह ट्रक लकड़ी, 10 क्विंटल कील, 12 हजार मीटर कपड़ा समेत अन्य सामान लग रहा है। इसमें इस बार नवरात्र में आदिशक्ति की उपासना की जाएगी। समिति के प्रबंधक रामकृष्ण उर्फ खट्टूू ने बताया कि इसके पूर्व इसी स्थान पर अयोध्या में प्रस्तावित राम जन्मभूमि मंदिर, मध्य प्रदेश स्थित उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, कोणार्क का सूर्य मंदिर, उड़ीसा का स्वामीनारायण मंदिर, तमिलनाडु स्थित श्रीरामेश्वर मंदिर, मां वैष्णो देवी गुफा, कारगिल पहाड़ी, अक्षरधाम मंदिर, सोमनाथ मंदिर, केदारनाथ मंदिर, पशुपतिनाथ मंदिर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, बिरला मंदिर, बेलूर मठ, जगन्नाथ मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, मीनाक्षी मंदिर, कुंभकोणम मंदिर, सुब्रह्मण्यम स्वामी मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर, जैन मंदिर, महादेव मंदिर समेत कई मंदिरों के स्वरूप में यहां पंडाल को रूप दिया जा चुका है। पंडाल में लगने वाली मूर्ति के लिए मूर्तिकार आनंदपाल अपने 10 सहयोगियों के साथ 21 फीट ऊंची दुर्गा प्रतिमा को बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पंडाल निर्माण में लगभग 30-35 लाख रुपये खर्च होगा। इसमें उदय भान सिंह, संदीप सिंह, लोहा सिंह, अजीत सिंह, आनंद कुमार सिंह, मंटू सिंह, पप्पू तिवारी, राकेश कुमार, सुभाष ठाकुर, डब्लू मौर्य आदि का महत्वपूर्ण योगदान है।
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