घोसिया। औराई थानाक्षेत्र के नटवा गांव में ग्राम समाज की जमीन पर तंबू लगाकर आश्रम संचालित कर रहे कथित संत के डेरे-डंडे को मंगलवार को पुलिस और प्रशासन ने हटवा दिया। इसके बाद खलबली मच गई। एडीएम रामसिंह वर्मा, एसडीएम केशवनाथ, एएसपी डॉ. संजय कुमार समेत पुलिस और प्रशासन का पूरा अमला आश्रम पर पहुंचा और कार्रवाई की। संत के कुछ अनुयायियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। आश्रम संचालक पर केस दर्ज होने के बाद सोमवार को उसके समर्थकों ने वाराणसी-इलाहाबाद मार्ग पर बवाल काटा था। तथाकथित संत राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ रविवार को जौनपुर के सुरेरी निवासी युवक ने भांजी को बहला-फुसलाकर ले जाने और अपहरण की तहरीर दी थी। उसके बाद पुलिस ने उसकी भांजी प्रीती को वहां से मुक्त कराया। मामले में संत समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद उसके अनुयायियों ने सोमवार को हाईवे पर जाम लगा दिया। जांच में यह पाया गया कि जिस स्थान पर उसका आश्रम है, वह सरकारी जमीन है। मंगलवार को एडीएम राम सिंह वर्मा, एएसपी डॉ. संजय कुमार, सीओ औराई पवन कुमार समेत पुलिस और राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कथित संत के आश्रम को उखाड़ दिया गया। संत के कुछ अनुयायी नहीं हटे तो उन्हें पुलिस बस में बिठाकर थाने ले गई। ग्रामीणों ने बताया कि छह माह पूर्व जब कथित संत वहां आया तो वह जीटी रोड के किनारे ही मजमा लगाता था। कुछ दिनों बाद नटवां स्थित सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया। उक्त स्थान पर स्कूली बच्चे क्रिकेट खेलते थे, लेकिन संत के अनुयायियों की धौंस के चलते उन लोगों ने डर वश वहां जाना बंद कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि मामले में छानबीन की जा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जो बच्चे नाबालिग हैं, उनको समझाकर परिवार वालों के सुपुर्द किया जाएगा।