प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे 70 हजार से अधिक किसानों को 12वीं किस्त नहीं मिलेगी। अप्रैल से लेकर जुलाई तक करीब चार महीने तक मौका देने के बाद भी करीब 70 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। जिससे सितंबर में 12वीं किस्त के दो-दो हजार रुपये उनके खाते में नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पहली किस्त दिसंबर 2019 में जारी हुई थी। शुरूआती दौर में जिले में 1.71 लाख किसानों को योजना का लाभ मिला था। इसके बाद से किसानों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में जिले के 2,26,280 किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है। भारत सरकार की ओर से सख्त हिदायत के बाद भी ई-केवाईसी कराने को लेकर किसान उदासीन हैं। बीते 31 मार्च तक बड़ी संख्या में किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। इसके बाद इसकी तिथि 30 मई तक बढ़ा दी गई। दो माह बाद भी सुस्ती देखते हुए सरकार ने 31 जुलाई तक अंतिम तिथि तय कर दी। समय मिलने के बाद भी करीब 70 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि ई- केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। दो लाख 26 हजार किसानों में करीब 70 हजार ने ईकेवाईसी नहीं कराई। जिससे सितंबर में 12वीं किस्त की रकम उनके खाते में नहीं भेजी जाएगी। ई-केवाईसी न कराने वाले किसानों को सरकार अपात्र मान लेगी।
भूलेख सत्यापन में भी मिलेंगे अपात्र
ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों के भूलेख अभिलेख का लेखपाल नए सिरे से सत्यापन कर रहे हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह तक सत्यापन कार्य पूर्ण करना है। कृषि विभाग का मानना है कि सत्यापन में भी बड़ी संख्या में अपात्र मिलेंगे। उप निदेशक ने बताया कि अब तक तीन हजार से अधिक आयकर दाता, पति-पत्नी योजना का लाभ ले रहे थे। ऐसे लोगों को नोटिस भेजकर किस्त की रकम वापस करने का निर्देश दिया गया। विभाग का मानना है कि अब तक ढाई हजार लोगों ने धन जमा भी कर दिया है।