जंगीगंज। सेमराधनाथ में चल रहे पांचवें कल्पवास कुंभ मेले में प्रवचन करते हुए अयोध्या प्रसाद महाराज ने बताया कि भक्ति में इतनी शक्ति है कि वह भगवान को भी पैदा कर देती है। हमें भक्ति के लिए भगवान की जरूरत नहीं, भक्ति है तो भगवान खुद पैदा हो जाएंगे। संसार में जीवन जीने का सबसे सरल तरीका है हमेशा भक्ति की अवस्था में रहना। क्योंकि साधना से परे रहने वाले धरती के सबसे बड़े मूर्ख नजर आते हैं। भक्त होने का ढोंग तो रच लिया जाता है, लेकिन वह भक्त नहीं हो सकते। हो सकता है वह उस अवस्था तक ध्यान, प्रेम या पूजा के जरिये पहुंचा हो लेकिन लीन है तो वह भक्त जरूर है। भक्त एक ऐसी दुनिया में होता है जहां कुछ भी सही या गलत नहीं है। जहां कोई पसंद या नापसंद नहीं है। भक्ति वह तरीका है जो आपको उस दुनिया में आसानी से ले जाता है।