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ट्रस्ट के खिलाफ आमरण अनशन

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सीतामढ़ी। धार्मिक संस्था सीता समाहित स्थल ट्रस्ट पर ग्रामीणों की जमीन के साथ एक प्राचीन मंदिर पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगा है। न्याय न मिलने से परेशान बनकट निवासी राकेश तिवारी ने बृहस्पतिवार को सीता समाहित स्थल परिसर के पास बेमियादी अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिधरी जमीन पर उनके पुरखों ने सीता मंदिर का निर्माण कराया था। आरोप लगाया कि उस जमीन को वर्ष 1999 में डीडीसी भदोही को प्रभाव में लेकर सीता समाहित स्थल ट्रस्ट के नाम दर्ज करा लिया था। पीड़ित उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उस पर न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी कर दिया। इसके बावजूद ट्रस्ट ने न सिर्फ उनकी जमीन को हड़प लिया गया है, बल्कि उनके ही प्राचीन सीता मंदिर में पूजा पाठ करने से भी रोका जा रहा है। पीड़ित राकेश तिवारी ने कहा कि वह लंबे समय से जिला प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन प्रभावशाली संस्था के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहा है। इस संबंध में सीता समाहित स्थल ट्रस्ट के मैनेजर कैलाश चंद्र ने कहा कि जमीन राकेश तिवारी और उनके दो भाइयों की थी। बाद में डीडीसी भदोही ने उक्त जमीन को सीता समाहित स्थल ट्रस्ट के नाम दर्ज कर उन्हें अन्यत्र जमीन दे दी थी।
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