औराई/घोसिया। एसडीएम औराई पर शोक प्रस्ताव फाड़ने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील परिसर में हंगामा किया। इस दौरान एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की गई। अधिकारियों के समझाने पर अधिवक्ता शांत हुए। इसको लेकर परिसर में दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा। औराई तहसील बार के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के निधन पर शोक प्रस्ताव एसडीएम को दिया तो उन्होंने फाड़ दिया। साथ ही अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए वह अंदर चली गईं। इससे नाराज अधिवक्ता एसडीएम कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन और नारेबाली करने लगे। तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री राजीव राय ने आरोप लगाया कि उप जिलाधिकारी ने अपने कर्मचारी और गार्ड से कहा कि इन्हें धक्का मारकर बाहर कर दो। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक एसडीएम का स्थानांतरण नहीं होगा, तब तक वह न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। अधिवक्ताओं ने फोन के माध्यम से जिलाधिकारी और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को प्रकरण की सूचना दी। मामला बढ़ता देख एडीएम राम सिंह वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर आंदोलन समाप्त कराया। इस मौके पर उमाकांत उपाध्याय, संतोष कुमार श्रीवास्तव, परमानंद यादव, अशोक कुमार, अनिल दुबे, मंगरू लाल, डब्बू सिंह आदि रहे। वहीं, एसडीएम औराई कविता बुजेटा ने कहा कि अधिवक्ताओं का आरोप निराधार है। काम प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। आमजन को न्याय दिलाना मेरा कार्य है और मैं करती रहूंगी।