ज्ञानपुर। जिले में दो दिन से ठंड का कहर कम हो गया है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। लेकिन, गत दिनों की हाड़कंपाऊं ठंड और फिर गर्म मौसम की उतार-चढ़ाव वाली तासीर लोगों के लिए भारी पड़ने लगी है। यही वजह है कि अस्पतालों में मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। कड़ाके की ठंड में लोग कोल्ड डायरिया जैसी घातक बीमारी की गिरफ्त में आ जा रहे थे। अब मौसम कुछ गर्म होने से लोग खांसी, सर्दी, बुखार आदि बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मौसम के मिजाज में परिवर्तन से बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। बुधवार को अकेले जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 829 मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया। अस्पताल की ओपीडी में 829 पर्चियां काटी गईं। नए और पुराने कुल मिलाकर 1012 मरीजों का इलाज चिकित्सकों ने किया। साथ ही इंमरजेंसी में 20 मरीज भर्ती कराए गए। भर्ती मरीज सुनीत (45) निवासी कसिदहां, लालती देवी ( 50) निवासी नथईपुर, नन्हकू (60) निवासी मिल्की, संतोषी (53) निवासी लालापुर, गुलाबी (60) निवासी इनारगांव आदि का चिकित्सकों ने मौसमी बीमारियों का इलाज किया। इनमें से अधिकतर दमा, सर्दी-जुकाम, खांसी से पीड़ित थे। ठंड कम होने के बावजूद सभी प्राथमिक, सामुदायिक, सरकारी और निजी अस्पताल मरीजों से पटे हुए हैं। अस्पतालों में ठंड लगने से बीमार पड़ने वालों की संख्या धीरे-धीरे कम होने लगी है। लेकिन, मौसम के हेरफेर का शिकार होकर लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। सरकारी समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की भारी भीड़ रही। दवा की दुकानों पर भी मरीजों और तीमारदारों की भीड़ दिखी। निजी अस्पताल मरीजों का जमकर आर्थिक शोषण कर रहे हैं। सब कुछ जानते हुए भी स्वास्थ्य महकमा अनजान बना हुआ है। जिला अस्पताल के डॉ. पंकज सिह ने बताया कि ठंड से बीमार होने वाले मरीजों की संख्या में थोड़ी कमी आई है। लेकिन, अचानक गर्म हो रहे मौसम में सावधान रहने की जरूरत है।