भदोही। जिला प्रशासन द्वारा शहरी आशा नियुक्ति को निरस्त किए जाने की सूचना पर गुरुवार को नियु क्त आशाओं ने भदोही तहसील स्थित मंदिर पर बैठक कर जिलाधिकारी से निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। गत वर्ष मई में भदोही और नईबाजार शहरी क्षेत्र के लिए 18 आशाओं का चयन जिलाधिकारी द्वारा गठित चयन समिति द्वारा किया गया था। चयनित आशा अर्चना पाल ने कहा कि नोडल अधिकारी के नेतृत्व में हम लोगों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ था। चयन के बाद हम सभी को 8 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। जिसके लिए वाराणसी के सीएमओ ने प्रमाण पत्र भी दिए थे तथा 31 अक्टूबर को खातों 15 सौ रुपये भी प्राप्त हो गए ऐसे में अचानक सेवा समाप्त कर देना समझ से परे है। आशाओं ने कहा कि हम लोगों ने बीते आठ माह से निष्ठापू र्वक सेवा की। हमारे साथ यह बर्ताव सरासर अन्याय है। बैठक में डीएम से इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की गई। चेतावनी भी दी गई कि नियुक्ति बहाल न किया गया तो मुख्यमंत्री के दरबार और आवश्यकता पडी तो न्यायलय का दरवाजा खटखटाएंगे। बैठक में ज्ञांति देवी, दीपिका गुप्ता, फरहान नाज, रेहाना बेगम, विनीता सोनकर, सुनीता देवी, रीता यादव, मिलती देवी, हुस्ना परवीन, निर्मला देवी, ज्योति गुप्ता, पूनम श्रीवास्तव, रज्जु देवी, कुदश्या बेगम आदि उपस्थित थी।