वर्ष 2023 की पवित्र हजयात्रा के लिए जिले से शुक्रवार की शाम 58 हजयात्रियों का सबसे बड़ा समूह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे से जेद्दा के लिए रवाना हो गया। जत्थे में शामिल लोग शुक्रवार की सुबह निजी साधन से लखनऊ रवाना हुए। जायरीनों को रवाना करने के लिए बृहस्पतिवार की शाम और शुक्रवार की सुबह भारी संख्या में परिचित आते जाते रहे।
नगर के पीरखांपुर हज पर जा रहे फिरोज अख्तर अंसारी से मिलने पहुंचे मौलाना अब्दुस्समद जियाई ने कहा कि हज वर्ष में केवल एक बार होता है, उमरा के लिए साल में कभी भी जाया जा सकता है। हज में जहां 45 दिन तक लग जाते हैं, तो उमरा 14 दिन में हो जाता है। इसलिए लोगों की हज पर जाने की तमन्ना अधिक होती है। खुद्दाम-ए-हज समिति के महासचिव शोएब आलम नदवी ने बताया कि आज लखनऊ रवाना होने वालों में मो. असलम अंसारी, जरीना, मोईनुद्दीन, बरकतउल्लाह, परवेज असलम, फिरोज अख्तर, एहसान राईन, मास्टर अख्तर अली, शाहआलम, फहमीदा बेगम, जमील, नदीम अहमद, अनीस डायर, वजीउद्दीन, वकील, अब्दुल हमीद आदि लोग रहे।