सीतामढ़ी। श्री सीता समाहित स्थल ट्रस्ट की ओर से रविवार को धार्मिक स्थली सीतामढ़ी में विवाहोत्सव का आयोजन हुआ। माता सीता का आशीष लेकर 57 जोड़े एक-दूजे को हो गए।
रविवार को सुबह नौ बजे से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हुआ। मंदिर परिसर से पीत वस्त्र में सजे धजे 57 दूल्हों की बैंडबाजे के साथ बरात निकली। 10 बजे बरात कन्हैयालाल पुंज बहुउद्देश्यीय हाल में पहुंची। वहां सजी धजी दुल्हनें अपने प्रतीक्षा में बैठी थीं। घरातियों ने बारातियों का स्वागत किया। इस मौके पर नृत्य हुआ। हाल के भव्य स्टेज पर सभी जोड़ों का जयमाल हुआ। इसके पश्चात तीन बेदियों पर सभी जोड़ों को बैठाकर पं बलस्टर शुक्ल के आचार्यत्व में वैदिक रीति से विवाह कराया गया। जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मान सात जन्मों तक साथ निभाने की शपथ ली।
ट्रस्ट के प्रबंधक कैलाश चंद्र ने बताया कि भदोही, वाराणसी, प्रतापगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर आदि जनपदों के 57 जोड़ों का विवाह हुआ। नव विवाहित जोड़ों को शादी के प्रमाण पत्र के साथ गृहस्थी के सभी जरूरी सामान, कपड़े, बर्तन, साइकिल, सिलाई मशीन, पलंग, कुकर, शृंगार के सामान, द्रव्य आदि उपहार दिए गए। इस मौके पर वीरेंद्र गुप्ता, मधुश्री गुप्ता, सौम्य गुप्ता, मुकुंद लाल दुआ, रमेश कुमार दुआ, सरिता सेल्वन, निम्मा आनंद, पारस छाबड़ा आदि ने नव दंपत्तियों को आशीर्वाद स्वरूप उपहार प्रदान किया। प्रबंधक कैलाशचंद्र, शैलेश अग्रवाल, सोमनाथ चक्रवर्ती, आशा उपाध्याय, राजेश सिंह, सभाजीत सिंह, पंकज तिवारी, धीरेंद्र पाल आदि व्यवस्था में लगे रहे।
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अमेरिकी दंपत्ति ने 40 बेटियों का किया कन्यादान
सामूहिक विवाद में 40 बेटियों का कन्यादान अमेरिका से आए भारतीय मूल के दंपती ने किया। न्यूजर्सी से सीतामढ़ी पहुंचे वीरेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी पत्नी मधु गुप्ता ने उनको उपहार देकर विदा किया। पिछले साल भी इन्होंने 30 बेटियों के हाथ पीले करवाए थे। बिजनौर जिले के धामपुर के मूल निवासी वीरेंद्र गुप्ता ने 1980 में अमेरिका की न्यूक्लियर कंपनी में काम करते थे। वर्ष 1994 में रिटायर्ड हुए और वहीं की नागरिकता ले ली। उन्होंने बताया कि माता सीता की प्रेरणा से हर साल कन्यादान करने आ जाता हूं।