घोसिया। केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित परियोजना हाई स्पीड रेल को फाइनल टच देने के लिए कारीडोर अधिकारियों ने एसडीएम एके मिश्रा के साथ बृहस्पतिवार को औराई तहसील सभागार में बैठक की। इस दौरान बैठक में परियोजना की कार्यदायी संस्था एनएचएसआरसीएल के एसडीओ अनिल शर्मा ने बताया कि दिल्ली से वाराणसी तक लगभग 865 किलोमीटर लंबा और पीलरयुक्त नया रूट पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-प्रयागराज खंड के उत्तरी छोर पर बनाने के लिए सर्वे हुआ है। सर्वे में भदोही के कुल 55 गांव प्रभावित होंगे जिसमें औराई तहसील के 35 और ज्ञानपुर तहसील के 20 गांव शामिल हैं। टीम प्रभावित होने वाले गांवों से अब तक 153 आवासीय प्लाटों को चिह्नित कर प्लाट स्वामियों को सर्किल रेट से दो गुना नगरीय, चार गुना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मुआवजा मिलने की संस्तुति की है। मुआवजा के लिए प्लाट स्वामी से फार्म-1 पर सहमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। रूट के लिए कुल 111.47 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसमें निजी भूमि के लिए 78.81 हेक्टेयर और सरकारी भूमि 32.66 हेक्टेयर शामिल है। एसडीएम एके मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें और तहसीलदार तनुजा निगम को अधिग्रहित होने वाली जमीन/प्लाट के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। पद का निर्वहन प्रभावित परिवारों के हक में किया जाएगा। इस अवसर पर संतोष कुमार त्रिपाठी, डब्बू सिंह, रजनीश सिन्हा, अशोक सोयल, प्रोजेक्ट मैनेजर सत्यव्रत पांडेय, अनिल शर्मा समेत बड़ी संख्या में संभ्रांतजन भी उपस्थित रहे।