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चित्रकला में राहुल, रोहित और शैलेंद्र अव्वल

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ज्ञानपुर। ‘यथार्थवादी प्रणाली रचनाकार के विश्व दृष्टिकोण की स्पष्टता और गहराई से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। अभिव्यक्ति की चित्रकला विद्या में रेखा और तूलिका संवाद करती हैं। यह बातें शिक्षाविद और प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने सामाजिक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था विरासत की ओर से स्काउट के जन्मदाता लार्ड वेडेन पावेल की जयंती पर ज्ञान सरोवर की सीढ़ियों पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता के दौरान कही। स्काउट के जन्मदाता लार्ड पावेल की जयंती चिंतन दिवस के रूप में मनाई गई। उन्होंने कहा कि समाजवादी देशों में कलात्मक सृजन सदा ही दार्शनिक विश्लेषण का एक विषय रहा है। कला से शहीदों को श्रद्धांजलि विरासत का सार्थक पहल है। समारोह का प्रारंभ स्काउट विद्या में ध्वजारोहण झंडा गीत ईश वंदना के बाद लार्ड वेडेन पावेल की मूर्ति पर माल्यार्पण से हुआ। चिंतन दिवस का विषय प्रवर्तन डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने किया। विंध्याचल मंडल के स्काउट अधिकारी का सम्मान चंद्रेश राय ने किया। इस दौरान शीतला प्रसाद पांडेय, शेषधर दुबे, डॉ. अब्दुल हलीम, प्रवीण सिंह, रामेश्वर सिंह, अविनाश रावत आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किया। चित्रकला में प्राथमिक स्तर पर राहुल प्रथम, ऋतिका द्वितीय अनुश्री तृतीय रहीं। जूनियर वर्ग में रोहित प्रथम, विशाल द्वितीय और नयना भारती तृतीय रहीं। सीनियर में प्रथम शैलेंद्र शर्मा , द्वितीय तन्नू मौर्य और तृतीय स्थान काजल रावत को मिला। इसके बाद विभिन्न संवर्गो में 15 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। मौके पर विजय त्यागी, नील कौशिक वीरेंद्र कुमार, जय प्रकाश, विवेक राय, रिंकू मौर्य, नाजरीन बानो, शिवसागर शुक्ला, ऋतुराज श्रीवास्तव, रोशन प्रसाद, ज्योतिक रानी मौर्य आदि रहीं। कार्यक्रम का संचालन अजय पांडेय और स्वागत डॉ. राजकुमार श्रीवास्तव ने किया।
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