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63 मासूमों की जिंदगी से हुआ था खिलवाड़

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ज्ञानपुर। भदोही विकास खंड के रयां स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल में एक नवंबर को फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए 63 बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया गया था। स्कूल के कैंटीन से जो भोजन एवं नाश्ता सौंपा गया था उसमें तीन सैंपल फेल पाए गए। लखनऊ की लैब में हुई जांच के दौरान राजमा, मूंगफली और बिस्कुट खाने लायक नहीं मिला जबकि खिचड़ी और गेहूं का आटा सही मिला। इस प्रकरण में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की ओर से कैंटीन संचालक और दुकानदार पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। भदोही के रयां स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल पिछले वर्ष से संचालित हुआ। इसमें 140 बच्चों का प्रवेश हुआ। सभी को आवासीय सुविधा दी जाती है। यहां पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को शिक्षा दी जाती है। एक नवंबर की सुबह नाश्ता और भोजन करने के बाद 63 बच्चों की तबियत अचानक खराब हो गई। भदोही समेत आसपास के कई अस्पतालों में सभी बच्चों को भर्ती कराया गया। जिलाधिकारी विशाख जी और पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल समेत पूरा प्रशासनिक अमला स्कूल पर पहुंच गया। इस प्रकरण में बिस्कुट सप्लायर पर केस दर्ज करने के साथ ही प्रधानाचार्य को निलंबित किया गया था। खान-पान से जुड़ा मामला होने के चलते जिला अभिहित अधिकारी मंजुला सिंह के नेतृत्व में जिला खाद्य एवं औषधीय प्रशासन विभाग की टीम ने भंडारण कक्ष को सील कर आश्रम पद्धति स्कूल की खिचड़ी, आटा, मूंगफली, राजमा और बिस्कुट का सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा। सप्ताह भर पूर्व लैब से जांच रिपोर्ट आई तो अफसरों के कान खड़े हो गए। मूंगफली, राजमा और बिस्कुट का सैंपल फेल हो गया। जांच में यह पाया गया कि मूंगफली खाने लायक नहीं थी तो राजमा में कीड़े पड़ गए थे। बिस्कुट भी सही नहीं था। विद्यालय प्रबंधन की ओर से खान-पान पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे 63 मासूमों की तबियत खराब हो गई थी। जिला अभिहित अधिकारी मंजुला सिंह ने कहा कि लैब से आई रिपोर्ट को जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज दी गई है। इस मामले में कैंटीन संचालक और दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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