ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमोहन मिश्र की अदालत ने एआरटीओ कार्यालय के एक दलाल के खिलाफ पैसे न देने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। ज्ञानपुर के प्रदीप तिवारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में परिवाद दाखिल किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह अपनी बाइक का पंजीकरण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए एआरटीओ कार्यालय गए। वहां सुरेश यादव ने कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए उससे साढ़े आठ हजार रुपये और कागजात लिए। 10 दिन बाद कागजात न बनने पर जब एआरटीओ कार्यालय गया तो पता चला कि वह कर्मचारी नहीं बल्कि दलाल है। उससे पैसे मांगने गया, लेकिन उसने देने से इंकार कर दिया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने परिवाद को स्वीकार करते हुए कोतवाली प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। न्यायिक अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर सूचना गलत हो तो परिवाद दाखिल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाए।