औराई। क्षेत्र के तियुरी गांव में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। इस दौरान मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए गांव में दवा का छिड़काव किया गया और लोगों की रक्त की स्लाइड बनाई। गांव में दो लोगों के डेंगू से पीड़ित होने की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम तियुरी पहुंची थी। चिकित्सकों ने साफ-सफाई के प्रति सतर्क रहने की हिदायत ग्रामीणों को दी। तियुरी गांव में दो लोगों के डेंगू से पीड़ित होने की खबर के बाद स्वास्थ्य महकमा जागा। जिले से लेकर औराई सीएचसी की टीम बुधवार को गांव में पहुंची और कुछ लोगों की स्लाइड बनाकर दवा दी। गंदे स्थानों पर दवा का छिड़काव किया। हालांकि ग्रामीण इसे नाकाफी मान रहे हैं। तियुरी गांव निवासी मनीष सिंह (20), जो वाराणसी में रहकर किसी कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं 15 दिन पहले गांव आए तो उन्हें बुखार होने लगा। गांव के ही सुभाष सिंह (42) को भी बुखार हो रहा था। दोनों का उपचार निजी चिकित्सालय में कराया गया, लेकिन बुखार नहीं उतरा। अंत में परिवार के लोगों ने दोनों को वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों की रिपोर्ट में मनीष सिंह को डेंगू पाजिटिव पाया गया और सुभाष सिंह की रिपोर्ट निगेटिव रही। सुभाष को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि मनीष सिंह का इलाज अभी चल रहा है। अमर उजाला के खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमा की टीम बुधवार को दोपहर गांव में पहुंची। इसमें मलेरिया इंस्पेक्टर सुजीत प्रभाकर, अंकित सिंह, सीएचसी औराई से डॉ. सदन कुमार, बीएचडब्ल्यू रविंद्र कुमार ने पहुंचकर बुखार पीड़ित कुछ लोगों की स्लाइड बनाई और दवा दी। साथ कुछ गंदगी वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराया। साथ ही देर शाम फागिंग मशीन से गांव में मच्छररोधी दवा का छिड़काव किया गया।