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नगरों के सभी 3622 पीएम आवास अपूर्ण

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ज्ञानपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (नगरीय) के निर्माण में उदासीनता बरती जा रही है। करीब डेढ़ साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी आवंटित साढ़े तीन हजार में एक भी आवास पूर्ण नहीं हो सके। तहसीलों में आवेदनों का सत्यापन न होने से पात्र और अपात्र तय नहीं हो पा रहे हैं। निर्माण का मानक सही न होने एवं विवादित स्थलों पर आवास बनवाने वाले 36 लाभार्थियों को डूडा कार्यालय ने नोटिस जारी की गई है। आवास विहीन लोगों को छत मुहैया कराने के लिए समय-समय पर सरकारें आवास योजनाएं चलाती है। 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की गई। ग्रामीण और नगरीय दो तरीके की योजनाएं चलीं। ग्रामीण आवास के लिए एक लाख 20 हजार तो नगरीय में ढाई लाख की रकम तय की गई। जिले के दो नगर पालिकाओं भदोही और गोपीगंज जबकि पांच नगर पंचायत ज्ञानपुर, खमरिया, घोसिया, नई बाजार, सुरियावां में दो वित्तीय वर्ष में 3622 आवास आवंटित किया गया। सभी को पहली किश्त 50 हजार, जबकि 1500 से अधिक को दूसरी किस्त डेढ़ लाख भेजा गया। करीब डेढ़ साल से अधिक समय गुजरने के बाद भी एक भी आवास पूर्ण नहीं हो सके। परियोजना निदेशक डूडा शैलेंद्र भूषण ने कहा कि लाभार्थियों के चयन में काफी दिक्कत आई। कुल 3622 लाभार्थियों का चयन कर आवास का निर्माण कराया जा रहा है। जिले की तीनों तहसीलों में आवेदनों को सत्यापन के लिए भेजा गया है। अब तक सत्यापन न होने से अपात्र नहीं पकड़े जा सके। उन्होंने कहा कि तहसीलों से सत्यापन के बाद अपात्रों से रिकवरी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि तय मानक के अनुसार निर्माण न करने और विवादित स्थलों पर आवास बनवाने पर 36 लाभार्थियों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आवेदकों से आग्रह किया कि किसी भी बिचौलिए को आवास के लिए कमीशन न दें। आवेदक सीधे कार्यालय आकर आवेदन करें। बताया कि योजना में पहले किश्त में 50 हजार, दूसरे किस्त में डेढ़ लाख और आवास बनने पर 50 हजार देने का प्रावधान है।
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