पूर्व माध्यमिक विद्यालय ज्ञानपुर में सोमवार को परिषदीय परीक्षा देते छात्र-छात्राएं।
आधी-अधूरी तैयारियों के बीच सोमवार को परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। दोनों पालियों में पहली से लेकर आठवीं तक के बच्चों की हिंदी प्रथम और द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षाएं हुईं।
तैयारियों को लेकर विभागीय दावा खोखला साबित हुआ। कुछ चुनिंदा विद्यालयों को छोड़कर ज्यादातर में बच्चों की उपस्थिति जहां कम रही वहीं परीक्षा भी खानापूर्ति तक सिमटी रही।
प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की एक सप्ताह तक चलने वाली वार्षिक परीक्षा सोमवार को सुबह 10 बजे से शुरू हो गई।
खराब मौसम के बाद भी नगरीय इलाकों के स्कूलों में बच्चे उत्साह के साथ पहुंचे, लेकिन ग्रामीण इलाकों में बच्चों की संख्या कम रही। पहली पाली में हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र और दूसरी पाली में हिंदी द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। पहली बार बच्चे बोर्ड परीक्षा की तरह प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका संग परीक्षा देते हुए काफी उत्साहित दिखे।
ज्ञानपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा कक्ष को बोर्ड परीक्षा की तरह बनाया गया था। कक्ष के बाहर छात्र-छात्राओं का नाम और रोल नंबर अंकित किया गया था। टेबल पर भी बच्चों की डेस्क स्लिप लगाई गई थी।
परीक्षा के पहले दिन पंजीकृत एक लाख 59 हजार बच्चों में लगभग 40 हजार अनुपस्थित रहे। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो परीक्षा के दौरान 70 फीसदी बच्चों की उपस्थिति रही, जो पूर्व के वर्षों से काफी बेहतर रही।
विभाग ने मौसम की खराबी को भी उपस्थिति में बाधक माना। कहा कि मौसम साफ होने पर बच्चों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे नहीं है कि बच्च्े इम्तेहान नहीं दे रहे। बल्कि मौसम ही ऐसे में खराब हो गया है। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिस्थिति अनुकूल नहीं होती है।