ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग की अदालत ने मेडिकल क्लेम खारिज करने पर इंश्योरेंस कंपनी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आयोग ने दो महीने के अंदर इलाज खर्च में हुए 89,457 रुपये क्लेम खारिज होने से आदेश की तिथि तक नौ फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। चेताया कि अगर दो महीने में आदेश का अनुपालन नहीं किया तो 12 फीसदी ब्याज के साथ धनराशि चुकानी होगी। जिला उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि निर्यात भवन स्टेशन रोड निवासी राशि सक्सेना और पति संजय कुमार श्रीवास्तव ने तीन अप्रैल 2024 को उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। बताया कि उन्होंने निव बुप हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी ली थी। इसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस पर ही इलाज भी कराया। कंपनी में इंश्योरेंस क्लेम देने पर उसे खारिज कर दिया गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस जारी की। इसमें उसने दावा किया कि उनका क्लेम गलत तथ्यों पर दाखिल किया गया है। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे ने दोनों पक्षों की तर्क और बहसों को सुना। इसके बाद न्यायाधीश संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने इंश्योरेंस कंपनी पर उपभोक्ता की सेवा में कमी पर 35 हजार का जुर्माना लगाया। वहीं क्लेम को दो माह के भीतर नौ फीसदी ब्याज के साथ चुकाने का निर्देश दिया।