जिले की 35 सहकारी समितियों पर कामन सर्विस सेंटर यानी सीएससी चलाने की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को विकास भवन के सहकारिता विभाग में सचिवों को सीएससी संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। 15 अगस्त तक 12 समितियों पर इसका संचालन होना है।
जिले में 52 सहकारी समितियां संचालित हैं। जिसमें 12 बेकार पड़ी हैं, जबकि 40 सक्रिय हैं। जहां से किसानों को खाद-बीज और कीटनाशक आदि दिया जाता है। रबी और खरीफ सीजन में धान और गेहूं की खरीद भी की जाती है। इसके बाद साल के सात से आठ महीने समितियों पर सन्नाटा पसरा रहता है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। इसे देखते हुए समितियों पर कामन सर्विस सेंटर चलाया जाएगा। शासन का पत्र आने के बाद सहकारिता विभाग की तरफ से संचालन की कवायद शुरू हो गई है। शुक्रवार को जिला प्रबंधक सीएससी नरेश तिवारी ने चिन्हित समितियों के सचिवों को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सेंटर चलाने की बारीकियों को समझाया। कहा कि इससे गांव में लोगों को जरूरी सुविधाएं मिलेंगी साथ ही युवाओं को रोजगार मिलेगा। एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि 15 अगस्त से पूर्व 10 से 12 समितियों पर यह सुविधा शुरू हो जाएगी।