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महिला स्वयं सहायता समूहों के खाते में भेजा 35.85 लाख

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार की तरफ तेजी से बढ़ रही हैं। मनरेगा, स्वच्छता मिशन, बिजली बिल वसूली और राशन वितरण से जुड़कर महिलाएं खुद को समृद्ध बना रही हैं। अब 239 समूहों के खाते में रिवाल्विंग फंड के तहत 15 हजार रुपये की दर से 35.85 लाख रुपये शासन ने भेज दिया है। इससे समूहों का आधार मजबूत करने में सहूलियत मिलेगी। अब इन समूहों से जुड़ी कुल 2629 महिलाएं स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त कर सकेंगी। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को चला रही है। अब तक जिले में तीन हजार 326 समूहों से 36 हजार 977 महिलाएं जुड़कर अलग-अलग क्षेत्रों में स्वरोजगार में भाग्य आजमा रही हैं। आगे बढ़ाने के लिए मिशन का सहारा देकर स्वरोजगार से जोड़ने की कवायद की जा रही है। मिशन के तहत गठित 239 समूहों की प्राथमिक जरूरत की पूर्ति के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। रिवाल्विंग फंड की धनराशि के बाद स्वरोजगार के लिए 1.10 लाख रुपये की दर से सामुदायिक निवेश निधि की धनराशि देकर वित्तपोषित किया जाता है। इससे समूह से जुड़ी महिलाएं पशुपालन, मुर्गी, मछली पालन, अचार, मुरब्बा व मसाला बनाने से लेकर अन्य रोजगार कर सकेंगी। इसके अलावा 546 ग्राम पंचायतों में मेठ का कार्य, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार वितरण, बिजली बिल की वसूली संग अन्य क्षेत्रों में स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रभारी श्यामजी ने बताया कि तीन हजार 326 समूह जिले में पंजीकृत हैं। जिनमें 36 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। 239 महिला समूहों को रिवाल्विंग फंड के तहत धनराशि मिली है। इसके अलावा अन्य कार्यों से महिलाओं को जोड़ा जा रहा है।
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