गर्भवती महिलाओं के लिए चल रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत विशेष जागरूकता सप्ताह एक से सात सितंबर तक मनाया जाएगा। इसके लिए एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी अपने क्षेत्र में घर घर जाकर महिलाओं को जागरूक करेंगी। अब तक योजना का लाभ 32720 गर्भवती धात्रियों को दिया जा चुका है। कुपोषण खत्म करने की मुहिम के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना चला रही है। इस योजना में तीन से चार चरण में धात्रियों को पांच हजार की सहायता राशि दी जाती है। जिससे वह समय-समय पर जरूरी पौष्टिक खाद्य पदार्थ का सेवन कर सकें। योजना का अधिक लाभ मिले इसलिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग एक से सात सितंबर तक प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह मनाया जाएगा। सभी एएनएम, आशा संगिनी व आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर पहली बार मां बनने वाली पात्र गर्भवती महिलाओं का आवेदन पत्र भरवाया जाएगा। जिले में में अब तक 10 करोड़ 82 लाख का भुगतान डीबीटी के माध्यम से 32 हजार 720 लाभार्थियों के खाते में भेजा जा चुका है। उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अमित दुबे ने बताया अधिक गर्भवती धात्रियों को लाभ मिल सके इसके लिए अभियान चलेगा। इसमें पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किस्त के रूप में एक हजार, प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किस्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में दो हजार रुपये दिए जाते हैं। तीन किस्तों में धनराशि लाभार्थी के खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाती है। जिला कार्यक्रम सहायक अभय प्रताप सिंह ने बताया कि अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए 32 हजार से अधिक महिलाएं पंजीकरण करा चुकी हैं, जिसमें 32720 गर्भवती महिलाओं को प्रथम किस्त एक-एक हजार जबकि द्वितीय व तृतीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रुपये यानी कुल पांच हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है। अब तक 10 करोड़ 82 लाख भुगतान हो चुका है।