ज्ञानपुर। जिले में लंपी रोग से बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने तीन महीने में 30 हजार गोवंश का टीकाकरण कर दिया है। बीते सप्ताह पशुपालन विभाग ने शासन से 10 हजार और टीके की मांग की है। चिकित्सकों के अनुसार लंपी रोग एक जटिल बीमारी है, जो गोवंश में होती है। मवेशी के शरीर में दाना निकलना बीमारी का प्रमुख लक्षण है। जिले के तीन स्थायी और 28 अस्थायी सहित कुल 31 गाेशालाओं में करीब सात हजार गोवंश संरक्षित हैं। पशुपालन विभाग के मुताबिक गोशालाओं और पशुपालकों के यहां एक लाख 70 हजार के करीब गोवंश हैं। 30 हजार गोवंश को लंपी का टीका लग चुका है। 19 टीमें टीकाकरण कार्य में जुटी हैं। सदर अस्पताल ज्ञानपुर के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विनोद यादव ने बताया कि लंपी एक वायरसजनित बीमारी है, जो एक मवेशी से दूसरे में होती है। पशुपालकों के लापरवाही बरतने पर मवेशियों की मौत भी हो सकती है। गोवंश के शरीर में दाने निकलना बीमारी का प्रमुख लक्षण है। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, गोपीगंज, अभोली, औराई, चौरी, खमरिया आदि स्थानों पर टीकाकरण कार्य चल रहा है। दो साल पहले राजस्थान में तेजी से लंपी वायरस का कहर फैला था, जहां सैकड़ों गोवंश काल के गाल में समा गए थे। इस दौरान जिले में भी लंपी ने दस्तक दी थी। गांठदार त्वचा रोग (लंपी वायरस) का कोई विशेष एंटी वायरल उपचार नहीं है। स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण ही इसका एकमात्र उपाय है। संक्रमित गोवंश की विशेष देखभाल की जरूरत होती है।