जिले में 2. 85000 क्विंटल धान की खरीद होगी। शासन ने इसका लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। एक नवंबर से शुरू होने वाली खरीद के लिए कुल 28 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। किसानों को कोई दिक्कत न हो इसलिए विभाग ने सभी प्रभारियों को व्यवस्थाएं दुरूस्त करने का निर्देश दिया है। जिले में रबी सीजन में गेहूं और खरीफ में मुख्यत: धान की खेती होती है। गेहूं की बोआई जहां 50 हजार हेक्टेयर रकबे में की जाती है, वहीं 35 से 40 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है। सरकार दोनों सीजन में क्रय केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीद करती है। धान की फसल तैयार करीब-करीब तैयार हो चुकी है। नोडल एवं एडीएम शुभांगी शुक्ला ने स्वीकृति पर विपणन के 15, पीसीएफ के 12 और भारतीय खाद्य निगम का एक समेत कुल 28 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिला विपणन अधिकारी शिशिर कुमार ने बताया कि 28 क्रय केंद्र पर खरीद होगी। शासन से 2. 85000 क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सामान्य धान के लिए 2441 और ग्रेड ए धान के लिए 2461 रुपये समर्थन मूल्य तय किया है। किसान किसी भी साइबर कैफे, जन सुविधा केंद्र, मोबाइल से पंजीकरण कर सकेंगे। अब तक 300 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण करा लिया है।