ज्ञानपुर। इस समय स्वास्थ्य महकमा चर्चा में है। मामला 250 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों के स्थानांतरण से जुड़ा हुआ है। दो माह पूर्व स्थानांतरित स्वास्थ्यकर्मी अब तक नए स्थल पर नहीं पहुंचे, जबकि नए स्थान से वेतन-मानदेय लेने का निर्देश दिया गया था। मामला डीएम तक पहुंचने पर जांच के लिए सीडीओ ने उपायुक्त एनआरएलएम को नामित किया है। सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने के लिए वर्षों से एक स्थान पर जमे अफसरों, कर्मचारियों पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई। जून में स्थानांतरण हुए। उसी दौरान सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटर पर तैनात फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, एएनएम, उपचारिका सहित कई स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण किया गया। सीएमओ के आदेश में जून का वेतन भी नवीन तैनाती स्थल पर ही प्राप्त करने का जिक्र था। लेकिन ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मी विभागीय तालमेल और राजनीतिक संरक्षण के चलते कार्यमुक्त नहीं हुए। स्वास्थ्यकर्मियों को औराई से भदोही, सुरियावां से डीघ, ज्ञानपुर से अभोली भेजा गया है, लेकिन ये पुराने स्थल पर जमे हुए हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने 26 अगस्त को प्रार्थना पत्र डीएम को सौंपकर जांच की मांग की थी। आरोप लगाया था कि 250 फार्मासिस्ट, एएनएम संग अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने नई तैनाती स्थल पर कार्यभार नहीं ग्रहण किया है। डीएम के निर्देश पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने उपायुक्त को प्रकरण की जांच सौंप दी। 25 जून को ही स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण कर दिया गया। कुछ केंद्रों पर कार्यमुक्त न होने की शिकायत मिली है। अधीक्षकों से इसके लिए जवाब मांगा गया है।- डॉ. संतोष कुमार चक, सीएमओ