ऊंज। क्षेत्र के अकोढ़ा गांव में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को जीव और भगवान के बीच संबंधों के बारे में बताया गया। कथावाचक स्वामी रामानंद तिवारी ने कहा कि मन और चित्त से भागवत कथा का रसपान करने से भगवान की प्राप्ति होती है। भागवत कथा मनुष्य का भगवान से परिचय कराने का एक सहज रास्ता है। भगवान की प्राप्ति के लिए सांसारिक सुखों को त्यागकर भगवान की शरण में जाना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों पर हमेशा नजर रखते हैं। उनके स्मरण से मनुष्य सभी पापों से मुुक्त हो जाता है। कथा के समापन के बाद आरती और प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर स्वामी बनमाली महाराज, दिनेश सिंह, जय प्रकाश चौधरी, हरिशंकर सेठ, रामा सिंह, रमेश गुप्ता, जय कुमारी, प्रभावती, बेबी, साधना, सुधा आदि मौजूद रहे।