ज्ञानपुर। चावल भंडारण की समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन सक्रियता दिखाई है। एफसीआई के हरियांव डिपो की क्षमता बढ़ाने की कयावद तेज कर दी गई है। 7500 एमटी क्षमता वाला डिपो चावल से भर चुका है। इसकी क्षमता दो दिन बाद 2500 एमटी बढ़ जाएगी। क्षमता बढ़ने से चावल भंडारण की समस्या कुछ हद तक कम होगी। धान की खरीद 28 फरवरी तक होनी है, लेकिन अब तक लक्ष्य का 62.35 फीसदी ही धान की खरीद हो सकी है। जबकि धान क्रय केंद्रों, चावल के डिपो और राइस मिलों में धान और चावल की हजारों बोरियां खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। इक्का-दुक्का केंद्रों पर मामूली खरीद को छोड़ दें, तो जिले के ज्यादातर केंद्रों पर धान खरीद नहीं हो रही है। इसके चलते धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। इसका असर धान खरीद पर पड़ा है। जिले में धान खरीद धीमी पड़ गई है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से अधिकतर धान क्रय केंद्र धान की खरीद नहीं कर पा रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। क्रय केंद्रों पर धान और राइस मिलों में तैयार चावल डंप है। अब तक मिलों में तैयार 45 फीसदी चावल की ही उठान हो सकी है। 57 फीसदी चावल की उठान नहीं होने से मिलों में धान रखने की जगह नहीं बची है। इससे मिल धान का उठान नहीं कर रहे हैं। धान की दराई के लिए चयनित 21 राइस मिलें क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं कर रही हैं। क्योंकि उनके यहां भारी मात्रा में चावल का ढेर लग गया है। अब तक तैयार महज 45 फीसदी चावल का ही मिलों से उठान हो सका है। इससे मिलों के पास धान रखने की जगह नहीं रह गई है। केंद्रीय भंडारण निगम के बभनौटी डिपो को केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त ने 2011 से ही कब्जे में ले लिया है। केंद्रीय भंडारण निगम 2013 से डिपो को उनके कब्जे से छोड़वाने का प्रयास कर रहा है, मगर यह प्रयास अब तक सफल नहीं हो सका है। पहले यह डिपो आयुक्त इलाहाबाद के अधीन था। अब यह केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त लखनऊ के अधीन है। पहले जिलाधिकारी विशाख जी ने डिपो को छोड़ने के लिए आयुक्त केंद्रीय उत्पाद शुल्क इलाहाबाद को अर्द्धशासकीय पत्र लिखा था। अब लखनऊ आयुक्त से बात की जा रही है। जिलाधिकारी लगातार आयुक्त के संपर्क में हैं। जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने पर 36113 एमटी चावल की आवक होगी। वहीं केंद्रीय भंडारण निगम बभनौटी डिपो की क्षमता 5000 एमटी है। बभनौटी डिपो मिलने के बाद चावल रखने की समस्या तकरीबन खत्म हो जाएंगी। पीडीएस प्रणाली के तहत भी चावल की उठान कम हो पा रही है। इसके तहत केवल 2600 एमटी चावल का हर महीने उठान हो रही है। जिले में धान खरीद का लक्ष्य 53900 एमटी है। अब तक 32833.20 एमटी धान की ही खरीद की जा सकी है, जो लक्ष्य का 62.35 फीसदी है। अब तक 4974 किसानों का धान खरीदा जा चुका है। मिलों में 22103.22 एमटी चावल तैयार है। जबकि 10746 एमटी चावल का ही उठान हो सका है, जो मात्र 45 फीसदी ही है। चावल भंडारण की समस्या उत्पन्न होने से धान की खरीद काफी धीमी हो गई है, जिससे किसान परेशान हैं। श्याम कुमार मिश्र, जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि चावल भंडारण के लिए एफसीआई हरियांव डिपो का विस्तार कराया जा रहा है। दो दिन में इस डिपो में 2500 एमटी और की जगह हो जाएगी। केंद्रीय भंडारण निगम के 5000 एमटी क्षमता वाले बभनौटी डिपो को लेने का प्रयास जारी है। जल्द ही यह डिपो भी मिल जाएगा।