ज्ञानपुर। कालीन नगरी में बीते पांच सालों में 20.15 फीसदी आबादी बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुई है। बीते 17 जुलाई को नीति आयोग की ओर से जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) के अनुसार जिले में गरीबी घटी है। हालांकि अभी जिले में 22.04 फीसदी आबादी बहुआयामी गरीबी के दायरे में आती है। इन लोगों को गरीबी से मुक्त कराने के लिए शासन स्तर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं।
मखमली कालीनों के लिए पूरे विश्व में विख्यात भदोही की अधिकतर आबादी कालीन उद्योग से जुड़ी है। कालीन कारखानों में काम कर रहे कामगारों की बेहतरी के लिए समय-समय पर कई प्रयास भी होते रहे हैं। शासन की ओर से किए गए प्रयासों के फलस्वरूप जिले में बीते पांच सालों में 20.15 फीसदी आबादी बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुई है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में पूर्वांचल के कई बड़े जनपदों की तुलना में बहुआयामी गरीबी के मामले में काफी तेजी से गिरावट आई है। जिले में वर्ष 2015-16 में बहुआयामी गरीबों की संख्या कुल आबादी में 42.19 फीसदी थी, जो 2019-21 में घटकर 22.04 फीसदी रह गई। इस अवधि के दौरान कुल 20.15 फीसदी आबादी बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुई। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसे कार्यक्रमों से स्वास्थ्य में अभावों को कम करने में मदद मिली। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से भी काफी सुधार हुआ। गरीबी को कम करने में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना, सौभाग्य योजना, समग्र शिक्षा जैसी पहल काफी महत्वपूर्ण है।
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12 मानकों पर तैयार की गई है रिपोर्ट
नीति आयोग ने बहुआयामी गरीबी सूचकांक का निर्धारण 12 मानकों पर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर से जुड़े अन्य मानकों को ध्यान में रखा गया है। इन मानकों या पैमाने में सतत विकास लक्ष्य से जुड़े संकेतकों को शामिल किया गया है। इनमें पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, रसोई गैस, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, परिसंपत्ति और बैंक खाते शामिल हैं।
पूर्वांचल कई जिलों से बेहतर हुआ भदोही में सुधार
बहुआयामी गरीबी सूचकांक में कालीन नगरी भदोही पूर्वांचल के कई जिलों से बेहतर सुधार हुआ है। भदोही में जहां 20.15 फीसदी का अंतर आया है। वहीं मऊ में 19.26 फीसदी, सोनभद्र में 17.80 फीसदी, बलिया में 17.15 फीसदी, आजमगढ़ में 15.65 फीसदी, चंदौली में 12.50 फीसदी सुधार हुआ है। वहीं बात करें विंध्याचल मंडल की तो मिर्जापुर में 20.73 फीसदी का सुधार हुआ तो सोनभद्र में 17.80 फीसदी बहुआयामी गरीबी सूचकांक में बीते पांच सालों में परिवर्तन हो सका है।