कोतवाली के नरथुआ स्थित दुर्गापूजा पंडाल हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या अभी भी बढ़ रही है। बुधवार को सवा महीने से जिंदगी की जंग लड़ रही चार वर्षीय मासूम ने भी दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के साथ ही अग्निकांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई। हॉस्पिटल में अभी भी 15 लोगों का इलाज चल रहा है।
दो अक्तूबर की काली रात को नरथुआ में गुफानुमा बने दुर्गा पूजा पंडाल में आग लगने से अब तक 19 मौतें हो चुकी है। इस हादसे में 77 से अधिक लोग झुलसे थे। अभी भी वाराणसी सहित अलग-अलग हॉस्पिटलों में 15 लोगों का इलाज चल रहा है। बुधवार की शाम चार बजे 4 वर्षीय मासूम परी की भी मौत हो गई, जो क्षेत्र के राजापुर निवासी चंदन बिंद की लड़की थी। अब भी 15 से अधिक लोगों का इलाज जनपद और वाराणसी के चिकित्सालयों में इलाज चल रहा है।
सवा महीने जिंदगी की जंग लड़ी परी
औराई अग्निकांड में जान गंवाने वाली परी की उम्र सिर्फ चार वर्ष की थी। वह इस भीषण अग्निकांड में गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद सवा महीने तक जिंदगी की जंग हार गई। राजापुर के चंदन बिंद की लड़की परी इस घटना में लगभग 65 फीसदी झुलस गई थी। चंदन बिंद के परिवार में यह तीसरी मौत है। इसके पहले उनके परिवार से ही उनके भाई नंदलाल की बिटिया और नातीन की भी मौत चुकी है।