ज्ञानपुर। औराई के सेऊर गांव में शुक्रवार से नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू हो गया। कथावाचक आचार्य सुधाकर मिश्र ने श्रोताओ को भागवत पुराण की महत्ता के बारे में बताया। कहा कि कथा श्रवण जन्म, जन्मांतर के पुण्य का फल है। बताया कि बड़े भाग से मनुष्य का तन मिलता है और बड़े सौभाग्य से मनुष्य को कथा सुनने का मौका मिलता है। जैसे सब नदियों में गंगा श्रेष्ठ है उसी तरह 18 पुराणों में श्रीमद्भागवत श्रेष्ठ है। धुंधकारी चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मसात कर लेें तो जीवन से सारी उलझने समाप्त हो जाएगी। महाराज ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वे अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य और देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस मौके पर सतीश कुमार चौबे, राजाराम पांडेय, मंशाराम पांडेय, विष्णुकांत, कृष्णकांत, धर्मेन्द्र, लव चौबे आदि मौजूद रहे।