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अनशनकारी की तबीयत बिगड़ी, प्रशासन मौन

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सीतामढ़ी। सीता समाहित स्थल परिसर में स्थित अपनी भूमिधरी जमीन और पैतृक सीता मंदिर पर कब्जे के विरोध में अनशन पर बैठे राकेश तिवारी का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तीसरे दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई। प्रशासन से न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए अनशन पर बैठे बनकट गांव निवासी राकेश तीसरे दिन बुखार से पीड़ित हो गए। ग्रामीणों के कहने के बाद भी दवा नहीं खाई। उन्होंने कहा कि न्यायालय का स्थगन आदेश हमारे पक्ष में है, लेकिन अधिकारी साथ नहीं दे रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी भूमिधरी जमीन और पुरखों के बनवाए मंदिर पर सीता समाहित स्थल ट्रस्ट ने कब्जा किया है। वहीं, ट्रस्ट के प्रबंधक कैलाश चंद्र ने कहा कि 16 में 13 लोगों ने अपनी भूमि की रजिस्ट्री ट्रस्ट के नाम कर दी थी। जिन तीन लोगों ने रजिस्ट्री नहीं की, उन्होंने मंदिर को दान देने की बात कही थी। इसके बाद डीडीसी ने रिफरेंस के जरिए उन्हें अन्यत्र जमीन देकर इस जमीन को ट्रस्ट के नाम कर दिया। बाद में राकेश तिवारी ने हाईकोर्ट में रिट की, जहां से यथास्थिति रखने का आदेश किया गया। तब से वही स्थिति चल रही है।
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