ज्ञानपुर। मानव कल्याण समिति की पुरानीबाजार में स्थित कार्यालय पर रविवार को बैठक हुई। इसमें समिति के प्रदेश प्रबंधक डॉ. श्याम नारायण प्रजापति प्रेमी ने कहा कि यथार्थ गीता ही मानव कल्याण का एकमात्र स्रोत है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक मानव को यथार्थ गीता का पाठ नियमित रूप से करना चाहिए। कहा कि सुख-समृद्धि और परम आनंद की चाह में प्रत्येक मनुष्य भटक रहा है। लेकिन भटकाव का कोई अंत नहीं मिल पा रहा है। जबकि यथार्थ गीता का पाठ कर मनुष्य समस्त प्रकार की तृष्णा पर विराम लगाकर परमानंद को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने इस दिव्य ग्रंथ को प्रत्येक काल-खंड के लिए प्रासंगिक बताया। लोगों से इसके ज्ञान अैर विचारों को अपने जीवन में आत्मसात कर जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया।